” सारी’ के 104 तथा इली के चिन्हित 743 व्यक्तियों की होगी टीबी जांच

कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट वालों की होगी टीबी की जांच ,‘सारी’ व आई.एल.आई.( इली) के चिन्हित निगेटिव रिपोर्ट वालों की बनेगी सूची और होगी जांच

कुशीनगर । जिले में सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस (एस.ए.आर.आई.) ‘सारी’और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आई.एल.आई.) के रोगी जो कोविड-19 जांच में निगेटिव पाए गए हैं, उनकी क्षय रोग (टीबी) की जांच करायी जायेगी । इस सम्बन्ध में जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. बीपी नरसरिया ने बताया कि इसके लिए राज्य स्तर से निर्देश भी प्राप्त हो गया है। निर्देश में इस बात का जिक्र है कि जिला सर्विलांस अधिकारी से (आई.डी.एस.पी.) कोविड-19 निगेटिव (एस.ए.आर.आई.) ‘सारी’ और आई.एल.आई. की सूची प्राप्त कर उनकी जनपद स्तर पर टीबी की जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 और क्षय रोग के कई लक्षण सामान होते हैं। शासन से प्राप्त निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रदेश के कोविड-19 पोर्टल के अनुसार जिले में 31 जुलाई तक ‘सारी’ और आई.एल.आई. के जो रोगी निगेटिव पाए गए हैं, इनमें कई संभावित क्षय रोगी भी हो सकते हैं। जिनकी जिले स्तर पर सीबीनाट मशीन द्वारा टीबी जांच कराना आवश्यक है। ऐसे में प्रत्येक सप्ताह जिला सर्विलांस अधिकारी से ‘सारी’ रिपोर्ट वालों की सूची प्राप्त कर उनके बलगम की जांच सीबीनाट से जांच करायी जाएं।आवश्यकता पड़ने पर उनके छाती का एक्सरे व अन्य जांच भी करायी जाए।
इसके अलावा आई.एल.आई. के जिन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनके घर पर संबंधित टीबी यूनिट के कर्मचारियों द्वारा भ्रमण कर वर्तमान में क्षय रोग के लक्षण ( बुखार, खाँसी, वजन कम होना, रात्रि में पसीना आना) की जानकारी प्राप्त की जाए। ऐसे लक्षण वाले रोगियों की भी बलगम जांच सीबीनाट मशीन से करायी जाएगी एवं आवश्यकतानुसार उनका उचित उपचार प्रारम्भ किया जाएगा, साथ ही उनका विवरण निक्षय पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा ।

जिले में चिन्हित हैं सारी के 104 व इली के 743 मरीज

कुशीनगर। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जनपद में सारी( एस.ए.आर.आई) के 104 तथा इली( आई.एल.आई) के कुल 743 मरीज चिन्हित किए गए हैं। जिनकी सीबीनाट मशीन से टीबी जांच होगी। आवश्यक पड़ने पर एक्सरे भी किया जाएगा।

क्या है क्षय रोग

टीबी या यक्ष्मा को क्षय रोग कहा जाता है।यह छुआछूत या संक्रमण से फैलने वाली एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। जो इस रोग से ग्रसित किसी व्यक्ति से वायु द्वारा फैलती है। यह एक ऐसी बीमारी है जिससे ग्रसित रोगी से किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को हो सकती है। माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरक्यूलोसिस नामक जीवाणु, जिसके कारण यह बीमारी होती है, रोगी के खाँसने या छींकने से भी यह हवा में फैलते हैं। टीबी रोगी के खाँसने, छींकने या बोलने पर थूक से यह बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाने की संभावना बनी रहती है।

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