दस्तक अभियान के तहत चिन्हित 26 लोगों में से 18 की रिपोर्ट निगेटिव

जांच के लिए आयोजित किए गए दो सेवा दिवस -चिन्हित आठ अन्य की भी किट से जांच शीघ्र

डाॅ. विवेक श्रीवास्तव

महराजगंज । कालाजार के रोगियों को चिन्हित कर उन्हें उचित इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इसे लेकर विभाग ने दो सेवा दिवस आयोजित कर कालाजार के लक्षण वाले 18 व्यक्तियों की जांच की तो सुखद पहलू यह रहा कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वेक्टर बार्न डिजीज ( वीबीडी ) के नोडल अधिकारी डाॅ. विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि दस्तक अभियान के तहत कालाजार के रोगियों को भी चिन्हित करने का कार्य कराया गया। लक्षण के आधार पर कुल 26 व्यक्ति चिन्हित किए गए जिनकी लाइन लिस्टिंग की गयी थी। लाइन लिस्टिंग वाले व्यक्तियों की रैपिड किट से जांच करने के लिए दो सेवा दिवस आयोजित किए गए । एक प्राथमिक विद्यालय सिसवा बाबू पर तथा दूसरा ग्राम पंचायत महदेवा में।
सिसवा बाबू में 14 तथा महदेवा में चार लोगों की जांच की गयी तो सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। शेष आठ भी जांच शीघ्र कराई जाएगी। सभी प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ कोविड जांच में अति व्यस्त चल रहे हैं, इन परिस्थितियों में भी उनका पूर्ण सहयोग मिल रहा है, शीघ्र ही वह अन्य की भी जांच पूर्ण कर लेंगे। वेक्टर बार्न डिजीज के परामर्शदाता कौलेश्वर ने बताया कि गोरखपुर निवासी एक पुलिस कर्मी कालाजार से पीड़ित रहे। उनका दो साल पहले महराजगंज जनपद के लिए तबादला हो गया।
उन्हीं को आधार मानकर शासन ने महराजगंज में भी कालाजार के रोगियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है। शासन के निर्देश के क्रम में बीते 16 से 31 अगस्त चले दस्तक अभियान में कालाजार के लक्षण वाले 26 व्यक्तियों की लाइन लिस्टिंग की गयी, जिनकी रैपिड टेस्ट के लिए उक्त दोनों सेवा दिवस आयोजित किए गए।सेवा दिवस के कार्य में जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी, सहायक मलेरिया अधिकारी हसमतुल्लाह,लैब टेक्नीशियन राकेश मणि त्रिपाठी, ब्लाक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) लवली वर्मा आदि लगाए गए थे।

कालाजार के लक्षण

कालाजार सैंड ( बालू) मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह नमी वाले स्थानों व अंधेरे में पाई जाती है। यह मक्खी तीन से छह फीट तक उड़ पाती है।इस मक्खी के काटने से व्यक्ति बीमार हो जाता है। उसे रूक-रूक कर बुखार चढ़ता उतरता है। इस बीमारी से मरीज का पेट फुल जाता है। भूख कम लगती है। शरीर काला पड़ जाता है। लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

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