कोरोना मरीजों का फॉलोअप करने में जुटी 25 आरआरटी

कोरोना को हराने के लिए कड़ाई, सफाई और दवाई का दे रही हैं संदेश ,टेस्ट, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर दिया जा रहा विशेष जोर

महराजगंज । कोरोना मरीजों का फॉलोअप करने के लिए जिले में 25 आरआरटी( रैपिड रिस्पांस टीम) लगायी हैं। जिसमें से दो-दो टीम सभी 12 ब्लॉक में लगायी गयी हैं, जबकि एक टीम प्रशासनिक हल्के में हैं। सभी टीम कोरोना मरीजों को कड़ाई, सफाई और दवाई का संदेश दे रही है। आरआरटी के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राकेश कुमार ने बताया कि कोरोना इन दिनों तेजी से पांव पसार रहा है। कोरोना मरीजों के ग्राफ में तेजी से उछाल देखा जा रहा है।कोरोना के प्रसार को देखते हुए जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि यह पता लगने के बाद किस ब्लॉक के किस गांव कोरोना मरीज व्यक्ति मिला है, तो रैपिड रिस्पांस टीम मौके पर पहुंच कर सबसे पहले यह देख रही है कि मरीज की स्थिति कैसी है? यदि किसी की स्थिति गंभीर दिखती है तो उसे तत्काल 108 एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजवा दिया जाता है। यदि मरीज की स्थिति बहुत गंभीर नहीं है तो उसे घर पर ही कड़े एहतियात के साथ होम आईसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है। इसके लिए उसे कोरोना प्रोटोकॉल के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा जाता है।

उससे बताया जाता है कि होम आईसोलेशन में रहने वाले व्यक्ति का एक केयर टेकर नामित होता है जो परिवार का ही सदस्य होता है, जो मरीज को बड़ी सावधानी के साथ भोजन पानी उपलब्ध कराता है। होम आईसोलेशन में रहने वाला व्यक्ति एक कमरे में अकेले रहता है। उसका बिस्तर, बर्तन और उसके उपयोग की सभी सामग्री एक अलग स्थान पर रखी जाती है जिसे वह स्वयं लेकर इस्तेमाल करता है। केयर टेकर उसके थाली में खाना रख देता है। खाना खाने के बाद उस बर्तन की सफाई भी मरीज ही करता है। जिन गांव व घरों में कोरोना मरीज मिल रहे हैं वहां पर कड़ाई, सफाई और दवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के साथ टेस्ट, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट की व्यवस्था भी की जा रही है।

नोडल अधिकारी ने यह भी कहा कि रैपिड रिस्पांस टीम के लोग गांवों में जाकर लोगों को कोरोना के लक्षण बता रहें हैं। साथ ही यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखे तो तत्काल सरकारी अस्पताल पर कोरोना की जांच कराने की सलाह भी दे रहे हैं। वहीं पर सभी ग्राम व मोहल्ला निगरानी समितियों को भी सक्रिय कर दिया गया है कि वह लोग बाहर से आने वाले लोगों की सूची तैयार कर सभी को कोरोना जांच कराने के लिए प्रेरित करें। मतलब कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालने करने, बार बार साबुन पानी से हाथ धुलने, मॉस्क लगाने, दो गज की दूरी बनाकर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने के लिए कहा जा रहा है।

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