ई-संजीवनी ओपीडी के जरिये 23 दिन में 900 मरीजों ने कराया इलाज

सोमवार से शनिवार सुबह 9 बजे से दो बजे तक चलती है ओपीडी । विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन किया जाता है इलाज। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन किया जाता है इलाज।

महराजगंज । कोरोना काल में करीब 23 दिनों में (पहली से 23 मई) जिले के करीब 900 मरीजों ने ई-संजीवनी ओपीडी के जरिये अपना इलाज कराया है। ई-संजीवनी ओपीडी सोमवार से शनिवार सुबह नौ बजे से दो बजे तक चलती है। इसके जरिये विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का ऑनलाइन इलाज होता है। कोरोना काल में ई-संजीवनी ओपीडी मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ऑनलाइन ओपीडी के रूप में देश में पहली नेशनल टेली कंसल्टेशन सर्विस ( ई-संजीवनी) लांच किया है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों को नि:शुल्क ऑनलाइन स्वास्थ्य सुविधा दिलवाना है, ताकि मरीज घर पर ही रहकर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सकें। इस व्यवस्था को ई-संजीवनी ओपीडी के नाम से भी जाना जाता है।

इस सुविधा का लाभ कोई भी रोगी कहीं से भी प्राप्त कर सकता है। बस जरूरत है एक एंड्रायड मोबाइल, नेट कनेक्शन तथा जानकारी की। ई-संजीवनी ओपीडी के जरिये इलाज कराने के लिए रोगी या उनके परिजन को गुगल प्ले स्टोर पर जाकर ई-संजीवनी ओपीडी एप इनस्टाल करें।

उक्त एप पर मरीज पंजीकरण कराएं। अपनी बारी का इंतजार करें। ऑडियो या वीडियो के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक को अपनी बीमारी बताएं। चिकित्सक द्वारा नुस्खा( ई-प्रिस्क्रिप्शन) लिख दिया जाएगा। इस प्रिस्क्रिप्शन को डाउनलोड करके दवा खरीद सकते हैं। चिकित्सक द्वारा लिखी दवा यदि सेंटर पर उपलब्ध रहता तो मरीज को दे दिया जाता है अगर नहीं तो मरीज को खरीदना होता है।
उक्त जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर संदीप पाठक ने बताया कि पहली मई से 23 मई के बीच 900 मरीजों ने ई-संजीवनी ओपीडी से इलाज कराया है। जिसमें से सदर ब्लाक के 90, धानी के 11, परतावल के 246, घुघली के 48, पनियरा के 05, सिसवा 211, मिठौरा के 03, फरेन्दा के 173, बृजमनगंज के 53, रतनपुर के दो तथा लक्ष्मीपुर के 58 मरीज शामिल हैं।

बड़हरा बरईपार की सीएचओ ने कराया 127 मरीजों का इलाज

ई-संजीवनी के माध्यम से जिले सर्वाधिक 127 मरीजों का इलाज तो परतावल ब्लाक के ग्राम पंचायत बड़हरा बरईपार के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर ( सीएमओ) रीमा मद्धेशिया ने अपने मोबाइल से कराया है। इसी प्रकार फरेन्दा ब्लाक के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ताल्ही की सीएचओ प्रगति पांडेय ने 102 तथा सदर ब्लाक के चेहरी सेंटर की सीएचओ रूबिया खातून ने 81 मरीजों का ई-संजीवनी ओपीडी से इलाज करवाया है।

मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही ई-संजीवनी ओपीडी

कोरोना काल में ई-संजीवनी ओपीडी मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। कारण कि मरीज को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज की सुविधा मिल जाती है। इससे मरीज को बड़े शहरों से आने जाने से मुक्ति मिल जाती है। समय के साथ धन की भी बचत होती है।

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