नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत आशा संगिनी दे रहीं हैं प्रसूताओं को सलाह

कुशीनगर । नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत आशा संगिनी पूनम भारती ने गृह आधारित भ्रमण कर प्रसूताओं को कम से कम छह माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने तथा समय-समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दे रहीं हैं। आशा संगिनी पूनम भारती ने बताया कि जब वह गृह भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत पखिहवाँ ऊर्फ करजहाँ पहुँची तो देखा कि प्रसूता माधुरी देवी ने नवजात की आँख तथा ललाट पर काजल लगाया था, जिस पर प्रसूता को समझाया कि नवजात को काजल कत्तई न लगाएं। इससे आँख को नुकसान पहुंचेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रसूता नवजात को छह माह तक साफ-सफाई के साथ सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराएं, कारण कि माँ का दूध शिशु के लिए संपूर्ण आहार है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। स्तनपान कराने से प्रसूता को भी होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया। छह माह के बाद माँ के दूध के साथ बच्चों को दी जाने वाले ऊपरी अनुपूरक आहार के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

संगिनी ने कहा कि गृह आधारित भ्रमण कर अन्य प्रसूताओं को भी बताया जा रहा है कि सभी अपने बच्चे को समय-समय पर नियमित और संपूर्ण टीकाकरण अवश्य कराएं, इससे तरह-तरह की बीमारियों से निजात मिलेगा। यह भी बताया कि बच्चों के शुरूआत के 1000 दिन काफी महत्वपूर्ण है। यह एक हजार दिन बच्चों के जीवन की आधारशिला है। स्तनपान कराते समय धात्री साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें। जाड़े का मौसम आ गया है। ऐसे में नवजात शिशुओं के विशेष ध्यान देने की जरूरत है, बच्चों को ठंड से बचाना होगा। गर्भवती को भी अपने सेहत को लेकर सचेत रहना होगा।

सप्ताह का मुख्य उद्देश्य

नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल करने के बारे में जन समुदाय को जागरूक कर नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान, छह माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान, छह माह के बाद ऊपरी आहार देकर बच्चों को सुपोषित बनाना और शिशुओं का समय समय पर नियमित टीकाकरण कराना आदि के बारे में विधिवत जानकारी देना नवजात शिशु देखभाल सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य है।

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