बलिया ईओ मणिमंजरी राय आत्महत्या मामले में नया मोड़

...तो क्या ईओ को एक अधिकारी ने ही छला ,ईओ मणिमंजरी राय व अधिकारी के मोबाइल काल डिटेल्स से हो सकता है बड़ा खुलासा

बलियाः पीसीएस अधिकारी व मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मणिमंजरी राय के आत्महत्या मामले में मृतका के भाई विजयनंद के तहरीर पर भले ही नपं चेयरमैन, तत्कालीन ईओ व लिपिक आदि पर मुकदमा दर्ज कर लिया है किंतु बलिया कोतवाल विपिन सिंह द्वारा जारी मामले की जांच में आत्महत्या के कारणों को लेकर नया मोड़ आ गया है। जांच के तहत मृतका ईओ मणिमंजरी राय के चालक चंदन का बयान लेने के बाद पुलिस मामले में एक और के एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि पुलिस और उच्चाधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे है ंिकंतु चालक द्वारा पुलिस को दिए गए बयान को आधार माने तो मणिमंजरी राय का बैरिया में तैनात एक अधिकारी संग अच्छे रिश्ते हो गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि अंत समय में उक्त अधिकारी से ईओ मणिमंजरी राय को गहरा आघात लगा और उसने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लिया। उक्त अधिकारी पूर्व में मनियर नगरपंचायत पर भी तैनात रह चुके है। जो ईओ मणिमंजरी राय के आत्महत्या के बाद शव के पास फूट-फूट कर बिलख रहे थे। जबकि मणिमंजरी से उनका दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। जिसे मौजूद परिजन व अन्य लोगों ने भी महसूस किया था। जिनके नाम का जिक्र संबंधित मुकदमे में भी नहीं है किंतु बलिया में मृतका ईओ के चालक चंदन के बयान के बाद इनका नाम फिलहाल सुर्खियों में है। अगर पुलिस की जांच व चालक का बयान सही है तो निश्चय ही ईओ मणिमंजरी राय व संबंधित अधिकारी के मोबाइल काल डिटेल्स की सीडीआर से इसे लेकर बड़ा सुराग मिल सकता है। पुलिस मामले में हर नजरीए से गहन जांच कर रही है।  मालूम हो कि 6 जुलाई को मनियर नगरपंचायत ईओ मणिमंजरी राय ने बलिया हरपुर स्थित आवास विकास कालोनी में अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। मामले में मृतका के भाई विजयनंद राय के लिखित तहरीर पर बलिया कोतवाली में मनियर के तत्कालीन ईओ संजय राव, नपं चेयरमैन भीम गुप्ता, लिपिक विनोद सिंह, कम्प्यूटर आपरेटर अखिलेश, चालक चंदन व एक अन्य समेत कुछ अन्य अज्ञात के खिलाफ भादवि की धारा 306 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।

टेंडर हो चुका था निरस्त तो विभागीय दबाव की आरोप निराधार- भीम गुप्ता

ईओ मनियर मणिमंजरी राय आत्महत्या मामले में नामजद आरोपी मनियर नगरपंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता ने कहा कि विपक्षी द्वारा षडयंत्र के तहत जिस टेंडर के लिए दबाव की बात कही जा रही है। लगभग 2 करोड़ के कार्ययोजना हेतु 34 कार्य का बिना टेंडर के फर्जी पत्रावली बनाकर कार्य कराने हेतु आदेश देने का दबाव बनाया जाने आरोप पूरी तरह से निराधार है। कहा कि वह टेंडर तो पहले ही निरस्त हो चुका था और जब टेंडर ही निरस्त हो चुका था तो उसके पेमेंट के लिए दबाव देने संबंधित आरोप पूरी तरह से बेअधार है। कहा कि उन्हें न्यायालय व पुलिस प्रशासन के जांच पर पूरा भरोसा है। पुलिस ने अगर सही दिशा में जांच किया तो निश्चय ही जल्द ही ईओ के आत्महत्या के सही कारणों का खुलासा हो जायेगा।

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