ब्लैक फंगस दवा की कालाबाजारी, तीन गिरफ्तार

ग्राहक बनकर दवा मंडी पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट। ब्लैक फंगज इंजेक्शन की कालाबाजारी का खुद किया खुलासा। एजेंसी संचालक, कंपनी के एरिया मैनेजर सहित एक अन्य कर्मचारी को लिया हिरासत में।

गोरखपुर। इस वैश्विक महामारी में जहां जिला प्रशासन और आम लोग बड़ी संख्या में लोगों की सहूलियत के हिसाब से उनकी मदद कर रहे हैं। वही कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो आपदा में अवसर तलाशने का काम कर रहे हैं। ताजा मामला भलोटिया मार्केट से जुड़ा हुआ है। जहां अंश मेडिकल एजेंसी नामक फर्म पर ग्राहक बनकर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने ब्लैक फंगस बीमारी में कारगर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे मेडिकल स्टोर संचालक सहित कंपनी के एरिया मैनेजर और एक अन्य कर्मचारी को हिरासत में लिया है।

शासन और जिला प्रशासन लगातार इस कोविड काल में जरूरी दवाइयों और इंजेक्शनो के नाम पर कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का कार्य कर रहा है। इन सब के बावजूद कालाबाजारी करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को पूर्वांचल के सबसे बड़ी थोक दवा मंडी में ग्राहक बनकर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने ब्लैक फंगस नामक बीमारी में कारगर इंजेक्शन को लेने के लिए अंश मेडिकल एजेंसी पहुंचे।

सिटी मजिस्ट्रेट ने अम्फोनेक्स नामक इंजेक्शन की मांग की। जिस पर एजेंसी के मालिक अमित जायसवाल व नेक्सा वैलनेस कंपनी के एरिया मैनेजर राहुल पांडे द्वारा 3686.49 रुपए एमआरपी का इंजेक्शन 19 हजार रुपये की डिमांड और कहा कि इंजेक्शन की बहुत मांग है नहीं आने के कारण इसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। इंजेक्शन का दाम सुनते ही सिटी मजिस्ट्रेट के होश फाख्ता हो गए और उन्होंने ड्रग विभाग के अधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया सिटी मजिस्ट्रेट की इस कार्रवाई से पूरे दवा मार्केट में हड़कंप मचा हुआ है।

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