कोरोना को मात देकर फिर सेवा में उतरे एचईओ, बढ़ा रहे उत्साह

वीएचएनडी की गतिविधियों के साथ आशा और एएनएम को समय समय दे रहे प्रशिक्षण , कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने को तरीका बता रहे एचईओ भागवत सिंह

महराजगंज । कोरोना को मात देकर फिर स्वास्थ्य सेवा में उतरे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भागवत सिंह ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) पर गतिविधियों को संचालित कराने के साथ-साथ आशा और एएनएम को समय-समय प्रशिक्षण देने में जुट गए हैं। वह कोरोना से बचाव के लिए जन समुदाय को जागरूक करने में लगे हैं। इसके साथ ही वह कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह भी बढ़ा रहे हैं। जब बीते मार्च माह से लॉकडाउन शुरू हुआ तभी से कोरोना से बचाव के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा एएनएम को वह प्रशिक्षित करते रहे। इसी बीच वह दो अगस्त को कोरोना के चपेट में आ गए। इसके बाद वह सावधानी के साथ इलाज कराना शुरू किये,13 अगस्त को जब उन्होंने एंटीजन तथा आरटी पीसीआर जांच करवाया तो रिपोर्ट निगेटिव आयी।
पुनः 20 अगस्त से वह पूर्व की भांति स्वास्थ्य सेवा में जुट गए। वह अब ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर गतिविधियों को संचालित कराने के साथ-साथ समय-समय पर आशा कार्यकर्ताओं तथा एएनएम को भी प्रशिक्षण देते रहते हैं। वह वीएचएनडी सत्रों पर जाकर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने तथा हाथ धोने का तरीका बता रहे हैं। सभी को केंद्रों पर शारीरिक दूरी बनाकर रहने, मॉस्क लगाने, ग्लब्स लगाने तथा सेनेटाइजर का प्रयोग करने पर जोर दे रहे हैं। होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना उपचाराधीनों तथा उसके संपर्क में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका संदेश है कि कोरोना से बचने के लिए बचाव ही बेहतर उपाय है। सभी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रहें, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के दिए पौष्टिक आहार लें।
कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी जुकाम, खांसी , बुखार व सांस लेने में तकलीफ हो तो तत्काल जांच कराने तथा सरकारी अस्पताल पर जाकर चिकित्सक की सलाह पर क्वारंटीन, आईसोलेशन या फिर होम आईसोलेशन की व्यवस्था में जाएं तथा इलाज कराएं।
उनका कहना है कि होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना उपचाराधीनों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है,वे घर के एक कमरे में अलग रहें, अपने इस्तेमाल के सभी सामान व कपड़े अलग कर लें, किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। वह बताते हैं ‘‘वैसे तो रैपिड रिस्पांस टीम के लोग लगातार फॉलोअप करते रहते हैं, लोग उनसे अपनी सभी दिक्कतों को खुलकर बताएं, चिकित्सकों द्वारा सुझाए गए उपायों और सावधानियों पर अमल करें, ताकि आप कोरोना को मात दे सकें।

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