कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर माफिया मुख्तार अंसारी को बचाने का आरोप

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में बांदा में माफिया के पक्ष में दिया था विवादित बयान,सीएम योगी माफिया के खिलाफ, तो विपक्ष दे रहा साथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दशकों से माफियाराज से जूझ रहे प्रदेश को माफिया मुक्त बनाकर तरक्की की राह पर आगे ले जाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। उनके निर्देश पर यूपी पुलिस कहर बनकर माफिया पर टूट रही है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को यह रास नहीं आ रहा है। कोई माफिया मुख्तार अंसारी के बचाव में खड़ा है, तो कोई माफिया के घर ढहाए जाने पर उनके समर्थन में बयान दे रहा है। जबकि इन माफिया की वजह से प्रदेश में सैकड़ों मांओं की गोदें सूनी हुई हैं, परिवार उजड़ा है, लोगों पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर यूपी पुलिस काम कर रही है। प्रदेश में गैंगेस्टर वादों में धारा 14 के तहत पिछले साल एक जनवरी से 26 दिसंबर तक चिह्नित माफिया, अपराधियों और उनके सहयोगियों की 733 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई है। इसके अलावा माफिया के तमाम अवैध इमारतों को ध्वस्त कराया गया है, ताकि इनकी कमर तोड़ी जा सके, लेकिन सरकार की इस कार्यवाही का समर्थन करने के बजाय विपक्ष के नेता विरोध कर रहे हैं। हाल ही में बांदा में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने माफिया के समर्थन में विवादित बयान दिया था। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि ‘केवल एक आदमी, दो आदमी, तीन आदमी का तोड़ना, चिह्नित कर के तोड़ना। अगर ये राजनीति में परंपरा आ जाएगी, तो कल दूसरे की सरकार आएगी, तो वह भी चिह्नित करके बुल्डोजर आपके तरफ ले जाएगी।’

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर पूर्व विधायक कृष्णा नंद राय की पत्नी अलका राय ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार अंसारी को पंजाब जेल से यूपी लाने के लिए याचिका दायर की थी। यह नोटिस लेकर गाजीपुर पुलिस गई थी, लेकिन वहां के अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैं, प्रियंका गांधी से निवेदन कर रही हूं कि ऐसा खूंखार अपराधियों को बचाने की कोशिश न की जाए। उनको वहां से भेजा जाए, ताकि न्यायालय में लंबित मुकदमे में न्याय मिल सके। वह भी महिला हैं और मैं भी महिला हूं, मुझे आशा है कि वह हमारी भावनाओं को समझेंगीं।

पंजाब में है कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण: एके जैन

इस बारे में पूर्व डीजीपी एके जैन का कहना है कि यह प्रश्न बार-बार उठ रहा है कि जब कोर्ट की ओर से मुख्तार अंसारी को न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए आदेश भेजा जा रहा है, तो उसकी अवहेलना किस आधार पर पंजाब की जेल के अधिकारी कर रहे हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को आधार बनाकर किन कारणों से नहीं भेज रहे हैं। इससे बड़ा स्पष्ट है कि इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण पंजाब में है। जिस कारण उसे बचाया जा रहा है। यूपी में सीएम योगी के निर्देश पर यूपी पुलिस की ओर से जो अभियान माफिया के खिलाफ चलाया जा रहा है, उससे डरकर वह वहां से नहीं आना चाहता है। इसी वजह से कोर्ट की ओर से जारी आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है। यह बड़ा खुशी का विषय है कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है। वह ऐसे जेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, जो सक्षम न्यायालय के आदेशों की स्पष्ट रूप से अवहेलना कर रहे हैं।

यूपी पुलिस ने माफिया पर कसा नकेल

माफिया मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद, विजय मिश्रा, पुलिस अभिरक्षा से फरार ढाई लाख के ईनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो, कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा, शराब माफिया रमेश प्रधान, खान मुबारक, सुंदर सिंह भाटी, कुंटु सिंह समेत सैकड़ों माफिया पर यूपी पुलिस ने नकेल कस दिया है।

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