महराजगंज में पहली बार कालाजार से बचाव के लिए होगा छिड़काव

छिड़काव के लिए चलेगा आठ दिवसीय अभियान , कालाजार से प्रभावित तीन टोला व पुलिस लाइन बैरक में होगा छिड़काव , दो से नौ नवम्बर तक चलेगा आठ दिवसीय अभियान .

महराजगंज ।  कालाजार से बचाव के लिए जिले के तीन टोला व पुलिस लाइन के बैरक में आईआरएस ( अंदुरूनी अवशिष्ट छिड़काव) छिड़काव कराया जाएगा । छिड़काव में एक टीम लगेगी। टीम में छह छिड़काव कर्मी लगाए जाएंगे। उक्त बातें वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने कहीं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में छिड़काव कर्मियों के प्रशिक्षण के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कालाजार से प्रभावित जिन तीन गांवों में छिड़काव होगा उसमें धनेवा, सुकठिया व बंजारा टोला तथा महराजगंज पुलिस लाइन बैरक शामिल है। कुल 615 घरों के 3080 कमरों में छिड़काव होगा। इससे 3428 आबादी लाभान्वित होगी . छिड़काव के तौर-तरीके के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल को-आर्डिनेटर डॉ. सागर घोडेकर ने विस्तार से बताया तथा छिड़काव कर्मियों के समक्ष छिड़काव मशीन से डेमो भी कराया। जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरीने बताया कि चिह्नित गांवों में छिड़काव व निरोधात्मक कार्य दो से नौ नवम्बर तक चलेगा। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण हेतु अल्फ़ा साईपर मेथरीन 5 % दवा का छिड़काव कराया जाएगा।

गोशाला व शौचालयों में भी कराया जाएगा छिड़काव

मुख्य प्रशिक्षक डब्ल्यूएचओ के जोनल को-आर्डिनेटर डॉ. सागर घोडेकर ने बताया कि कालाजार से बचाव के लिए घरों, शौचालयों तथा गोशाला में भी छिड़काव कराया जाएगा। छिड़काव करीब 6 फीट की ऊंचाई तक कराई जाएगी। कच्चे घरों, अंधेरे व नमी वाले स्थानों पर विशेष तौर पर छिड़काव कराया जाएगा।

क्या है कालाजार

कालाजर बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह मक्खी नमी वाले स्थानों पर व अंधेरे में पायी जाती है। इस मक्खी के काटने से मरीज बीमार हो जाता है। उसे रूक रूक कर बुखार चढ़ता उतरता है। इस बीमारी से मरीज का पेट फुल जाता है। भूख कम लगती है। शरीर काला पड़ जाता है। लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक से दिखाना चाहिए।

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