बलिया में तूल पकड़ रहा चार करोड़ का दवा घोटाला मामला

बलिया सीएमओ की जानकारी में होता रहा फर्जी यूजर आईडी का इस्तेमाल , स्पष्टीकरण नोटिस से परेशान डिप्टी सीएमओ ने सीएमओ पर लगाएं गंभीर आरोप , डिप्टी सीएमओ ने कहा, कार्रवाई का दिखाया जा रहा खौफ

विजय बक्सरी 

बलियाः बलिया में करीब चार करोड़ के दवा खरीद मामले घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में अब बलिया सीएमओ डा. पीके मिश्रा व डिप्टी सीएमओ डा. जीपी चैधरी आमने सामने है। सीएमओ डा. पीके मिश्र ने जहां डिप्टी सीएमओ द्वारा मामले की जांच की मांग किए जाने को अनुशासनहीनता बताते हुए स्पष्टीकरण नोटिस थमा दिया। वहीं डिप्टी सीएमओ (टू) डा. जीपी चैधरी ने नोटिस का जवाब देने के बाद गुरुवार को पत्रकारों के समक्ष सीएमओ के कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए। कहा कि सीएमओ की जानकारी में उनके यूजर आईडी का फर्जी तरीके से इस्तेमाल होता रहा और शिकायत करने के बाद भी सीएमओ ने कोई कार्रवाई नहीं किया। हालांकि अब उनके यूजर आईडी को बदल दिया गया है किंतु उनके कार्यकाल के बाद भी उक्त यूजर आईडी से ही करीब चार करोड़ से भी अधिक की दवा की खरीद फरोख्त फर्जी तरीके से किया गया। जिसकी शिकायत का खामियाजा उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस के रुप में उठाना पड़ा। डा. चैधरी ने कहा कि घोटाले की आशंका पर अधिकारी होने के नाते जांच की मांग करना गलत कैसे हो सकता है। जबकि सीएमओ ने जांच व कार्रवाई के बजाएं शिकायत करने वाले को ही स्पष्टीकरण नोटिस थमा दिया। जिससे उनका पूरा परिवार सदमे में है और मामले में सीएमओ द्वारा फर्जी तरीके से फंसाने की आशंका को लेकर वे तनावग्रस्त हो गए है। डा. चैधरी ने मामले में शासनस्तर से उच्चस्तरीय जांच की मांग की। बताया कि डिप्टी सीएमओ (टू) के नाते वे 31 दिसंबर 2018 से 10 अगस्त 2019 तक वे बलिया केंद्रीय औषधी भंडार के प्रभारी रहे। 10 अगस्त के बाद उक्त जिम्मेदारी डा. राजनाथ को मिली किंतु लंबे समय तक उनके ही यूजर आईडी से ही क्रय किया गया। जबकि उनके शिकातय के बावजूद सीएमओ ने यूजर आईडी नहीं बदलवाई गई किंतु धांधली की नियत से सिर्फ नया मोबाइल नंबर संबंद्ध कर दिया गया। जिससे 10 अगस्त 2019 के बाद का उनके ही नाम के यूजर आईडी से करोड़ों की दवा की खरीददारी होती रही। जबकि घोटाला के ही आरोप में निलंबित मुन्ना बाबू वरिष्ट सहायक/पटल सहायक एनएचएम के कार्यकाल में जो भी सीएमएसडी बलिया से खरीददारी की गई थी, उसकी जांच चल रहा है। मालूम हो कि सीएमओ के अधीन केंद्रीय औषधी भंडार में फर्जी आईडी बनाकर जीएम पोर्टल पर चार करोड़ रुपए का इंडेट कर घोटाला करने की शिकायत उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीपी चैधरी ने पिछले दिनों किया था। डिप्टी सीएमओ डा. जीपी चैधरी ने गत 28 मई 2020 को स्वास्थ्य विभाग व उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर घोटाले का सिलसिलेवार उल्लेख किया था और मामले की जांच की मांग की थी। जिसके बाद से ही विभाग में जांच व कार्रवाई को लेकर जबरदस्त हड़कंप सा मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियाों के निशाने पर डिप्टी सीएमओ हो गए और सीएमओ पीके मिश्रा द्वारा शिकायतकर्ता डिप्टी ससीएमओ द्वारा अनुशासनहीनता करने एवं मामले में स्पष्टीकरण करने संबंधित नोटिस दिए जाने के बाद डिप्टी सीएमओ पर ही कार्रवाई की मानो तलवार लटक सी गई है।

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