बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में 7740 करोड़ रुपये खर्च कर सबको शुद्ध पेय जल मुहैया कराएगी सरकार

सत्तर साल बाद पहली बार किसी सरकार ने शुद्ध पानी की अहमियत को पूरी शिद्​दत से समझा , 6600 से अधिक गांवों के 1.17 करोड़ लोगों का बदल जाएगा जीवन .

लखनऊ : जल ही जीवन है। जल ही शांति है और जल ही न्याय है। यह बात उत्तर प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों गांवों के लाखों लोगों से बेहतर कौन जानता होगा। भरपूर पानी होने के बाद से ये पूरा इलाका आजादी के बाद से अब तक प्यासा रहा। केंद्र या प्रदेश की किसी सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। अगर दिया भी तो सिर्फ वायदों में। गर्मियों में तो अक्सर इन क्षेत्रों में पानी का संकट इस कदर बढ़ जाता था कि सरकार को सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी पहुंचवाना पड़ता है।  पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने पानी को लेकर लोगों की दुश्वारियों को समझा। उनके मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन योजनाओं को अमल में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

भरपूर पानी के बाद प्यासे थे ये क्षेत्र

पहले चरण में 30 जून को हर घर नल योजना के तहत बुंदेलखंड के सात जिलों के 3622 गांवों के 67 लाख आबादी के लिए 2185 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गयी है। दूसरे चरण में 22 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विंध्य क्षेत्र में 5555 करोड़ रुपये की लागत से हर घर नल योजना की शुरुआत की।

आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 398 गावो तक पहुचा था शुद्ध पानी

इस योजना से आने वाले वर्षों में विंध्य क्षेत्र के 3000 गांवों के 40 लाख लोगों को पाइप से शुद्ध पानी मिलने लगेगा। आजादी के बाद से अब तक कि केंद्र और प्रदेश सरकारें विंध्य क्षेत्र के सिर्फ 398 गांवों को ही शुद्ध पेयजल मयस्सर करा सकी थीं। बाकी लोग उपलब्ध जलस्रोतों से प्रदूषित पानी पीने को मजबूर थे। वह भी तब जब इस क्षेत्र से गंगा जैसी सदानीरा नदी बहती है। पानी के अन्य प्राकृतिक जलस्रोत भी हैं। भरपूर पानी की उपलब्धता के बाद भी ये इलाके प्यासे थे।

दोनों योजनाओं को मिला दें तो इनकी लागत 7740 करोड़ रुपये है। इनके पूरा होने पर 6600 से अधिक गांवों के 117 लाख लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगेगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने की इनकी दुश्वारियां खत्म हो जाएंगी। शुद्ध पानी मिलने से तमाम रोगों से मुक्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री के शब्दों में कहें तो लाभान्वित लोगों का जीवन बदल जाएगा।

हर घर नल और अन्य योजनाओं की समीक्षा करने शीघ्र बुंदेलखंड जाएंगे सीएम

सेहत के लिए शुद्ध पानी की अहमियत के मद्​देनजर मुख्यमंत्री की मंशा हर घर को शुद्ध पानी मुहैया कराने की है। अगले चरण में जिन क्षेत्रों के पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मात्रा अधिक है उनमें शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए हर घर नल योजना शुरू की जाएगी। योजना से इंसेफेलाइटिस के लिहाजा से संवेदनशील जिले भी संतृप्त किए जाएंगे। केंद्र सरकार की योजना 2024 तक सबको शुद्ध पानी मुहैया कराना है, पर मुख्यमंत्री योगी ने इसके लिए 2022 का डेडलाइन तय कर रखी है। यही वजह है कि बुंदेलखंड में हर घर नल समेत बुंदेलखंड एक्सप्रेस, डिफेंस कॉरीडोर और भगवान राम से जुड़े चित्रकूट और अन्य स्थानों की योजनाओं की क्या प्रगति है इसकी समीक्षा के लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुंदेलखंड जाएंगे। मालूम हो कि शुद्ध पानी की अनुपलब्धता दुनिया में बीमारियों की सबसे बड़ी वजह है।

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