सरयू नदी तट पर इं. वीरेंद्र सिंह पंचतत्व में हुए विलीन

वाराणसी पीठाधीश्वर सिद्धार्थ गौतम व राज्यसभा सांसद भी अंत्येष्टि में हुए शामिल

बलियाः पूर्व पीएम चंद्रशेखर  के समधी व वरिष्ठ समाजसेवी इं. वीरेंद्र सिंह बुधवार को ग्राम तुर्तीपार स्थित सरयू नदी के तट पर पंचतत्व में विलीन हो गए। मुखाग्नि ज्येष्ठ पुत्र आनंद कुमार सिंह ने किया। अंत्येष्टि में श्रीकीनाराम जी स्थल कृकुंड वाराणसी के पीठाधीश्वर सिद्धार्थ गौतम राम जी, राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर, पूर्व विधायक गोरख पासवान, जेपी सिंह, धर्मजीत सिंह, सीयर ब्लाक प्रधान संघ अध्यक्ष आलोक सिंह, शरद कुमार ंिसंह, अनूप सिंह मंटू, इरफान अहमद, चंचल सिंह, अंगद, मुक्तेश्वर सिंह चुन्नू, संजय यादव, दानिश भाई, पप्पू पांडेय, अख्तर साहब, रामशरण, निखिल सिंह उर्फ बिट्टू, दिलीप सिंह, पूर्व नपं चेयरमैन हरिप्रकश गुता, सुरेश पांडेय टीटी, लोहा सिंह, विनय सिंह, प्रमोद सिंह, झरकंडे सिंह, लालबहादुर भारती, मकसुदन सिंह, डा. रमाशंकर सिंह, बिल्लू सिंह व देवेंद्र गुप्ता आदि भी शामिल हुए। इंजीनियर साहब करीब 86 वर्ष के थे। वे अपने पीछे दो पुत्र आनंद कुमार सिंह व शरद कुमार सिंह, एक पुत्री सुधा सिंह समेत नाती पोता से भरा पूरा परिवार छोड़़ गए है। वरिष्ठ व्यवसायी होने के साथ ही वे सन फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल के प्रबंधक होने के साथ ही सीयर ब्लाक के प्रमुख व बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र में चुनाव भी लड़ चुके थे। 1969 में इंजीनियर साहब ने कोलकोता में राजपुत इंजीनियर कंपनी की स्थापना किया था और 1980 से पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी के साथ राजनीति में भी कदम से कदम मिलाकर चलते रहे है। पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी के करीबी रहे वीरेंद्र सिंह की दोस्ती बाद में रिश्तेदारी में बदल गई। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के श्वसुर और प्रधान आलोक सिंह के बड़े पिता इं. वीरेंद्र सिंह का पिछले कुछ दिनों से तबियत खराब चल रहा था। जिनका कोलकोता में ही इलाज चल रहा था। कुछ महीने पूर्व ही कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी मिलने के बाद कुछ दिनों पूर्व ही वे अपने पैतृक गांव मुजौना आएं थे। जहां मंगलवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

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