पत्रकार पुत्र की हत्या मामले में पत्रकार मोहन तिवारी ने मुख्यमंत्री,एस पी को लिखा पत्र

कुशीनगर। पत्रकार मोहन तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी,एस पी को पत्र लिख कर आरोपियों की गिरफ्तारी,पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद,एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की । बुधवार को देर शाम इंडियन जॉर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया फरीदाबाद के प्रेसिडेंट पत्रकार मोहन तिवारी ने एसोसिएशन के नेशनल चैयरमैन डा0 राकेश पुंज के दिशा निर्देशन में पत्रकार बृजेश शुक्ला के पुत्र की हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ को पत्र लिख कर पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मुवाज़ा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग के अलावा कुशीनगर एस पी को भी पत्र लिख कर सभी आरोपितो की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

ज्ञात हो कि पत्रकार बृजेश कुमार शुक्ल के पुत्र आकाश की दिनदहाड़े हुई हत्या की सनसनीखेज वारदात को हुए सात दिन भले ही बीत गए हैैं लेकिन क्षेत्र का जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से जहां परिजन भयभीत हैं, वहीं स्थानीय लोगों में भी दहशत व आक्रोश व्याप्त है। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भले ही अपनी पीठ थपथपाने में जुटी हो, लेकिन बाकी हत्यारे अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। इसके चलते पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं।बता दें कि हाटा कोतवाली क्षेत्र के गांव कोहरौली निवासी पत्रकार का गांव के ही जगदंबा सिंह से विवाद चल रहा है। घटना वाले दिन रविवार को पत्रकार के विपक्षी ने खौफनाक साजिश रचते हुए दिनदहाड़े दिल दहलाने वाली इस दुस्साहसिक व जघन्य बारदात को अंजाम दे डाला। शाम को लगभग पांच बजे पत्रकार के घर पर जब उनका छोटा बेटा आकाश व महिलाएं मौजूद थीं। यह देख विपक्षी समूह में इकट्ठा होकर पत्रकार के दरवाजे व विवादित भूमि पर रखी गई ईंट को हटाने लगे।

इसकी जानकारी जब पत्रकार के छोटे भाई को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। इससे बौखलाए विपक्षी उन पर ईंट पत्थर चलाने लगे। शोर सुनकर पत्रकार का पुत्र आकाश (21) घर में से बाहर आ गया। खून से लथफथ चाचा को जब वह बचाने पहुंचा तो विपक्षी जगदंबा सिंह व उसके घर के आधा दर्जन सदस्य लोहे की रॉड तथा लाठियों से हमला बोल दिया। सिर पर चोट लगने से आकाश मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। गिरने के बाद भी विपक्षी निर्दयतापूर्वक राड व लाठी से उसे पीटते रहे। घर की महिलाओं के शोर मचाने पर वे भागे। लोगों की मदद से आकाश को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर बता मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां से भी डाक्टरों ने आकाश को पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया। उसकी हालत बिगड़ती चली गई। तीन दिन बाद भी होश न आने पर लखनऊ में डाक्टरों ने आकाश की जिंदगी बचाने के लिए सिर का आपरेशन किया फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका। इस मामले में पुलिस ने जगदंबा सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मिली जानकारी के अनुसार खबर लिखे जाने जाने तक 5 आरोपित जेल में हैं। लेकिन घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी बाकी आरोपी, साजिशकर्ता‌ अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। जिससे पीड़ित परिवार भयभीत व आशंकित हैं। यदि मामले में सरकार व पुलिस तत्काल कदम नही उठती है तो पत्रकार मोहन तिवारी उग्र प्रदर्शन करने पर से भी नही पीछे नही हटेंगें।

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