मिठौरा में कोरोना जांच में लगी दो टीम ,जांच के बाद पाजिटिव मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही दवाएं

सीएमओ के निर्देश पर मिठौरा क्षेत्र में जांच में लगी टीम

महराजगंज  । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर मिठौरा क्षेत्र के गाँवों में कोरोना की जांच करायी जा रही है। जांच में दो टीम लगायी गयी हैं। जांच के बाद पॉजिटिव मिले मरीजों को दवा भी उपलब्ध करायी जा रही है। सीएमओ ने आमजन से अपील की है कि जब भी कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जाय तो अधिक से अधिक लोग कोरोना की जांच कराएं ताकि पाजिटिव मिले मरीजों को त्वरित निदान मिल सके। ऐसा करके आप खुद के साथ औरों को भी बचा सकते हैं।

मिठौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक डॉ.श्याम बाबू ने बताया कि इन दिनों मिठौरा क्षेत्र में कोविड की जांच दो टीम कर रही है। एक टीम लैब टेक्निशियन (एलटी) श्री प्रकाश पटेल के तो दूसरी टीम एलटी विद्यासागर यादव के नेतृत्व में काम कर रही है। हर टीम में पांच-पांच स्वास्थ्य कर्मी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोनों टीम ने ग्राम पंचायत खजुरिया और ग्राम पंचायत मधुबनी में कोरोना जांच किया। जांच के दौरान जो भी मरीज कोरोना पाजिटिव मिल रहें हैं उन्हें दवाएं भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उमेश शाही ने बताया कोरोना पाजिटिव मिले मरीजों को होम आईसोलेशन में रहने के तौर-तरीके भी बताए जा रहे है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को यह भी बताया जा रहा है कि गंभीर होने की स्थिति में उन्हें वह अस्पताल पर जाकर चिकित्सक से संपर्क कर अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों का फॉलोअप करने में वह स्वयं तथा रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) भी लगी रहती है जो मोबाइल के जरिये प्रत्येक मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेती रहती है।
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बताये जा रहे हैं कोविड के लक्षण:-
-बुखार आना।
-गले में खरास होना।
-खांसी आना।
-नाक बहना ।
-बदन में दर्द होना।
– सिरदर्द एवं थकान होना।
-पेट में ऐंठन होना।
-बार- बार दस्त होना।
-स्वाद या गंध न महसूस होना।
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बचाव के उपाय की दी जा रही जानकारी:-
-सुमन-के विधि से हाथ धोना।
-मॉस्क का प्रयोग करना।
-सेनेटाइजर का प्रयोग करते रहना।
-बार-बार साबुन पानी से हाथ धुलना।
-भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना।
-कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना।
-दो गज की दूरी बनाकर रहना।
-खांसते छींकते समय नाक और मुँह को ढ़के रहना।
-हमेशा गुनगुने पानी का सेवन करना।
– दिन में दो तीन बार भाप लेना।

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