मिशन किसान :सिर्फ रंगीन ही नहीं पौष्टिकता से भरपूर है लाल गोभी

लाल गोभी की खेती कर रहे प्रगतिशील किसान इंद्रप्रकाश सिंह ,लाल गोभी में भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनरल्स सलाद और सब्जी दोनों रूप में कर सकते हैं उपयोग .

  • गिरीश पांडेय

सुनहरी शकरकंद के बाद अब सीएम सिटी ( गोरखपुर) में लाल पत्ता गोभी जलवा बिखरने को तैयार है। गोरखपुर से 40 किलोमीटर दूर जानीपुर कस्बे के प्रगतिशील किसान इंद्रप्रकाश सिंह इसकी खेती कर रहे हैं। सिर्फ रंगीन होना ही इस गोभी की खूबी नहीं है। इसमें पाया जाने वाला एंटीआक्सीडेंट कैंसर जैसे रोगों से सुरक्षा देता है। आयरन खून की कमीं एनीमिया की कमीं के खिलाफ सुरक्षा कवच देता है। इसमें विटामिन ए,सी,कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं।

सुनहरी शकरकंद के बाद सीएम सिटी में अब रंगीन गोभी

इंद्रपकाश सिंह का शुमार प्रदेश के प्रगतिशील किसानों में होता है। सब्जियों की खेती में नवाचार के लिए वह जिले और प्रदेश स्तर के कई सम्मान भी पा चुके हैं। उन्होंने अपने एक मित्र से लाल गोभी के बारे में सुना। आदतन उन्होंने इसके बाजार के बारे में जानकारी की। मंडी के कारोबारियों ने बताया कि रंगीन होने के कारण लगन सलाद के रूप में इसकी ठीक-ठाक मांग निकल सकती है। इसके बाद उन्होंने नर्सरी के लिए बीज की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद उनको वाराणसी से यह उपलब्ध हो सका।

फिलहाल उनकी नर्सरी के पौधे शीघ्र ही गोभी की तरह आकार लेने लगेंगे। वह बताते हैं कि जब उन्होंने इसके बारे में पढ़ा तो लगा कि इसकी खेती के लिए पूर्वांचल की कृषि जलवायु अनुकूल है। लिहाजा इस साल उन्होंने करीब एक बीघे में इसकी खेती की है। उनकी फसल जिस समय (अप्रैल) तैयार होगी उस समय लगन होगी। चूंकि पिछले साल सारी सहालग कोरोना और इसके कारण लगे प्रतिबंद्धों की भेंट चढ़ गया। लिहाजा इस साल सहालग में शादियां भी अधिक होगी। ऐसे में उनको उम्मीद है कि उनकी गोभी की मांग और भाव दोनों ठीक रहेंगे। अगर ऐसा हुआ तो अगले साल वह इसकी खेती को और विस्तार देंगे।

इंद्र प्रकाश सिंह सब्जियों की खेती करते हैं। आलू उनकी विशेष फसल है। इसी से उनकी पहचान बनी है। गेंहू-धान वह खाने भर का ही उगाते है। जोखिम कम करने के लिए वह सब्जियों की खेती में भी डाइवर्सिफिकेशन (विविधीकरण) पर जोर देते हैं। आलू की फसल तैयार होने को है। मौजूदा समय में वह टमाटर, खीरा और कलौंजी के बैगन की नर्सरी डाल चुके हैं। लाइन सोइंग से बोया गया गेहूं औरों से अलग दिख रहा है। इस साल वह पत्ता गोभी की एक ऐसी किस्म् भी लगाने जो रहे हैं जो मई में तैयार होगी। आकार में यह गोल की बजाय चौकोर होगी।

लाल गोभी की खूबियां

इसमें मुख्य रूप से फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सिडेंट, लाल गोभी पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें थायमिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, लोहा, और पोटेशियम के अलावा विटामिन सी, ए, ई, बी, फाइबर मिलते हैं। स्वाभाविक है कि इसके सेवन से कई तरह की विटमिंस, मिनिरल्स की कमीं की भरपाई होती है। शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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