मुस्लिम महिलाओं ने गीत गाकर मोदी राखी बनाया

राखी का त्यौहार भाई बहन ही नहीं बल्कि देशों के रिश्तों को मजबूत करने वाला है –इन्द्रेश कुमार

वाराणसी । वर्ष 2013 में जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तबसे काशी की मुस्लिम महिलायें मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में मोदी राखी बनाकर भेज रही हैं। अब यह परम्परा में शामिल हो गया। राखी का त्यौहार वैसे तो भाई-बहनके स्नेह का प्रतीक है, लेकिन रक्षा सूत्र का सम्बन्ध बहनों के साथ-साथ देश की रक्षा से भी है। चीन की धोखेबाजी और विस्तारवादी नीति से नाराज मुस्लिम महिलाओं ने न सिर्फ चीनी राखी के बहिष्कार की घोषणा की बल्कि उसका विकल्प भी दिया। इन्द्रेश नगर (लमही) के सुभाष भवन में मुस्लिम महिला फाउण्डेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये मुस्लिम महिलाओं ने गीतों के साथ मोदी, ट्रम्प और इन्द्रेश राखी बनाया। मुस्लिम महिलाओं ने मोदी के ऊपर ढ़ोल की थाप के साथ स्वरचित गीत गाकर राखी बनाना शुरू किया। सितारा, टिक्की, गत्ता, लेस और मोदी की तस्वीर का प्रयोग कर मोदी राखी बनाया। मुस्लिम महिलाओं ने मोदी गीत गाकर देश के लोगों को मोदी के कार्यों से परिचित कराया और बताया कि वो क्यों इतने वर्षों से मोदी को भाई मानती हैं और भरोसा करती हैं।

बहिनन क सम्मान बचावें, तीन तलाक से मुक्ति दिलावें
अरे के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

चुटकी में 370 हटावें, भव्य राम मंदिर बनावें
अरे के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

चीनी सेना के गलवान से भगावें, चीन के आपन ताकत दिखावें
अरे के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

देश विदेश क झगड़ा निपटावें, कोरोना से सबकर जान बचावें
अरे के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

खायें खिचड़ी, स्वदेशी अपनावें, भारत के आत्मनिर्भर बनावें
अरे के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

घर-घर में शौचालय बनवावें, देशवा क इ लाज बचावें
अरे के हो के, मोदी भईया हो, मोदी भईया

मुस्लिम महिलाओं ने मोदी के साथ-साथ चीन के मसले पर भारत का खुलकर साथ देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी सामानों का बहिष्कार कराकर चीन की आर्थिक सत्ता को घुटने पर लाने वाले सामाजिक नेता इन्द्रेश कुमार के नाम की भी राखी बनायी और भारतीय डाक से उनको भेजा। मोदी राखी बनाकर वितरित भी की जायेगी ताकि बहनें अपने भाई की कलाई पर मोदी राखी बांधकर सम्मान, सुरक्षा, संस्कार, स्वाभिमान और देश की रक्षा का भाव महसूस कर सकें।

श्रीराम मंदिर के आन्दोलन में शहीद होने वाले परिवारों को श्रीराम राखी भेजी जायेगी। चीन की राखी का इस्तेमाल न करके बहनें भगवान श्रीराम, नरेन्द्र मोदी, इन्द्रेश कुमार, सुभाष चन्द्र बोस की तस्वीर वाली राखी इस्तेमाल करेंगी ताकि भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था मजबूत हो सके और चीन के सामान का बहिष्कार कर सकें। विश्व के अनेक भागों में राखी भेजी जा रही है ताकि विश्व बन्धुत्व, भाईचारा, गंगा जमुनी तहजीब, शांति स्थापित हो सके। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कैथल से श्रीराम राखी, मोदी राखी, ट्रम्प राखी एवं इन्द्रेश राखी का ऑनलाईन उद्घाटन किया।

इस अवसर पर इन्द्रेश कुमार ने कहा कि ‘भारत के प्रधानमंत्री विश्व समुदाय के नेता हैं, वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल छोटे देशों की सुरक्षा के लिये करते हैं। मुस्लिम महिलायें मोदी राखी बनाकर चीन के आर्थिक साम्राज्य को चुनौती दे रही हैं। चीन के किसी भी सामान का इस्तेमाल न करने की शपथ लेकर मुस्लिम महिलाओं ने पूरी दुनियां को यह बता दिया कि अब दुनियां के देश चीन की दादागीरी नहीं बर्दाश्त करेंगे। मुस्लिम महिलाओं का मोदी के प्रति स्नेह भारत की सांस्कृतिक एकता की पहचान है। हिन्दू-मुस्लिम बहनें एक समान रूप से मोदी को अपना भाई मानती हैं। राखी का त्यौहार धर्म, जाति, रंग के भेद को खत्म करता है। यह विश्व बन्धुत्व बढ़ाने वाला त्यौहार है। नारी को मां और बहन के रूप में सम्मान दिलाने वाला है और रिश्तों को मजबूत करने वाला है। ये बहनें मुझे भी राखी बांधती आ रही हैं। इसके लिये मेरी शुभकामनायें और आशीर्वाद सदा है।‘

मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि ‘नरेन्द्र मोदी ने राखी का फर्ज निभाया। वर्ष 2013 में ही मुस्लिम महिला फाउण्डेशन ने इन्द्रेश कुमार के माध्यम से मोदी जी को राखी भेजकर तीन तलाक के खात्मे की मांग की थी। एक भाई और पिता की तरह मुस्लिम बेटियों और बहनों का ख्याल रखा। लाखों मुसलमानों का घर टूटने से बचा लिया और करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की। नरेन्द्र मोदी का एहसान मुस्लिम महिलायें कभी नहीं भूल सकती हैं। 370 और राम मंदिर का विवाद खत्म कराकर नरेन्द्र मोदी सबके दिलों पर हजारों सालों तक राज करने वाले बादशाह बन गये हैं।‘

विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डा० राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ‘मुस्लिम महिलायें डोनाल्ड ट्रम्प को राखी भेजकर भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूती प्रदान करेंगी, साथ ही चीन को यह संदेश देने का काम कर रही हैं कि हर मोर्चे पर चीन का बहिष्कार किया जायेगा। हिन्दुस्तान की कोई बहन अपने भाई की कलाई पर खून से सने चीनी राखी को नहीं बांधेंगी। अब हिन्दुस्तान में महापुरूषों की तस्वीर वाली घर की बनी राखी बांधी जायेगी।‘ राखी बनाने में नजमा परवीन, सोनी बानो, अर्चना भारतवंशी, डा० मृदुला जायसवाल, नाजमा बानो, नगीना, मुन्नी बेगम, सुनीता श्रीवास्तव ने सहयोग किया।

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