आंगनबाड़ी केन्द्र गौरा निपनिया पर आयोजित हुआ पोषण मेला

चार अति कुपोषित बच्चों को दी गयी पोषण पोटली, दरवाजे पर हुआ पौधरोपण

महराजगंज । सहजन, आंवला और आंगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले पोषाहार से बच्चों को सेहतमंद बनाया जा सकता है, बशर्ते इनका सही तरीके से उपयोग हो। सही पोषण से ही देश रोशन होगा। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता क्षेत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन करें। उक्त बातें जिला कार्यक्रम अधिकारी( डीपीओ) शैलेन्द्र कुमार राय ने कहीं। वह तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत निचलौल क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र गौरा निपनिया पर आयोजित पोषण मेले को संबोधित कर रहे थे। मेले में अति कुपोषित बच्चों में पोषण पोटली का वितरण किया गया।

उन्होंने कहा कि कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए ही विभाग द्वारा महत्वाकांक्षी योजना संचालित की जा रही है। केन्द्रों से मिलने वाले पोषाहार से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर सेवन करने से कुपोषित,अति कुपोषित बच्चे तथा गर्भवती व धात्री महिलाएं सेहतमंद बन सकती है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ)मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने गांव की गर्भवती, धात्री महिलाओं, स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों तथा कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों का फॉलोअप करती रहें। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए सबसे जरूरी है कि पहले गर्भवती को सेहतमंद बनाया जाए, कारण कि जब गर्भवती स्वस्थ्य रहेगी तो वह सेहतमंद बच्चे को जन्म देगी।

गर्भवती, किशोरियों और बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए उन्हें पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित करें। सहजन और आंवला बहुत ही गुणकारी पौधा है,उसकी उपयोगिता के बारे में बताएं। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कीचन गार्डेन स्थापित किए जाएं। साथ ही लोगों को भी कीचन गार्डेन स्थापित करने के लिए प्रेरित किए जाएँ ताकि बच्चों को हरी और ताजी सब्जियां उपलब्ध करायी जा सकें। इसी के साथ सभी कार्यकर्ता धात्री महिलाओं को कम से कम छह माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने के लिए प्रेरित करें। उसके बाद अन्नप्राशन का तौर तरीका बताएं। पोषण मेले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता प्रजापति, शमीमा, अनीता, चंद्रकली, पुष्पा रानी, कुसुमलता, अमरावती, पूनम, सुमन, आरती, पुनीता सिंह, बबीता श्रीवास्तव, रजनी, दिप्ती वर्मा, किरन, मीरा, शीला देवी, अनुराधा व सभी सहायिका व गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। आंगनबाड़ी केन्द्र परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

कितना गुणकारी है सहजन

सीडीपीओ ने बताया कि सहजन का हर अंग गुणकारी है। चाहे जड़ और तना हो, या चाहे फल और पत्तियाँ हों सभी में औषधीय गुण की भंडार है। सहजन से प्रोटीन, विटामिन बी-6, विटामिन-सी, विटामिन ए, विटामिन ई के साथ आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे पोषण तत्व पाए जाते हैं। जिससे रोगों से लड़ने में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कोरोना काल में तो इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

इनके घर हुआ पौधरोपण, मिला पोषण पोटली

आंगनबाड़ी केन्द्र गौरा निपनिया पर आयोजित पोषण मेले में ग्राम पंचायत रमपुरवा की अति कुपोषित मनोकामना, ग्राम पंचायत कटहरी खुर्द की मीनिल तथा ग्राम पंचायत जहदा की अंश और ऑचल को पोषण पोटली दी गयी, तथा उनके दरवाजे पर सहजन और आंवला का पौधरोपण भी किया गया।

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