नशामुक्ति अभियान में उतरेगी एनवाईके की टीम

प्रचार-प्रसार के लिए टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू ,टीम में शामिल होंगे कम से कम 50 मास्टर स्वयं सेवक .

महराजगंज । जनपद में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नेहरू युवा केंद्र ( एनवाईके) की टीम भी योगदान देगी। इसके लिए टीम का गठन शुरू कर दिया गया है। टीम में कम से कम 50 मास्टर स्वयं सेवक शामिल किए जाएंगे।  मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि नशामुक्ति अभियान के लिए कॉलेज में छात्र क्लब्स का गठन किया जा रहा है,साथ ही छात्रों, शिक्षकों तथा अभिभावकों का एक ह्वाटसएप ग्रुप भी बनाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि नशामुक्ति अभियान के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ एवं स्वैच्छिक संगठनों के साथ मिल कर अभियान चलाया जा रहा है। अब नेहरू युवा केंद्र की टीम व कलाकार भी अभियान में शामिल होंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी वीएन सिंह ने बताया कि मद्यपान एवं मादक द्रव्यों का सेवन हमारे देश में एक गंभीर समस्या है, जिसका दुष्प्रभाव न केवल इन पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्तियों पर, बल्कि उसके परिवार एवं समाज पर भी पड़ता है। रोकथाम ही इस समस्या का प्रभावशाली रणनीति है।
इस संबंध में नोडल मंत्रालय के तौर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा मादक पदार्थों के उपयोग में कमी लाने के लिये अभियान चलाने की रणनीति बनाई गयी है। अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी भी विभिन्न संस्थाओं को सौंपी गई है। अभियान में नेहरू युवा केंद्र की टीम को भी शामिल करने के लिए टीम का गठन शुरू कर दिया गया है। टीम में युवक मंगल दल एवं महिला मंडल दल के सदस्य भी रखे जाएंगे। अभियान में लगे लोगों को समाज कल्याण विभाग द्वारा आनलाइन मॉड्यूल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

टीम में इनको मिलेगी जगह

-जिनकी स्थानीय बोली भाषा पर पकड़ होगी।
– जिनकी संप्रेषण क्षमता अच्छी होगी।
– जिनकी नशामुक्ति अभियान में रूचि होगी।
– जिनमें जनता को प्रभावित करने की क्षमता होगी।
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अभियान के दौरान आयोजित हो रहीं यह गतिविधियां

1- विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम।
2- जागरूकता के लिए सभी कालेजों में छात्र क्लब्स का गठन।
3-मादक द्रव्य व्यसनियों की पहचान कर परामर्श एवं उपचार के लिए इन्हें पुनर्वास केन्द्रों / अस्पतालों पर ले जाना।
4- परामर्श एवं उपचार सुविधाओं की मानीटरिंग करना।
5-स्कूलों के 100 मीटर परिधि में सिगरेट के क्रय-विक्रय पर रोक लगाना।
6- नशीले पदार्थों की उपलब्धता / क्रय विक्रय के संबंध में सूचना संकलित करना।
7- जनपद एवं निचले स्तरों पर सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करना आदि।

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