“अंधविश्वास के अंधेरे में ‘पूनम’ का उजाला”

भ्रूण हत्या पर रोक, स्तनपान और परिवार नियोजन पर देती हैं जोर , स्वास्थ्य विभाग में नजीर बनीं परास्नातक आशा संगिनी पूनम भारती .

कुशीनगर । तमकूही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ( सीएचसी) से जुड़ी आशा संगिनी पूनम भारती अंधविश्वास के अंधेरे में जागरूकता का उजाला बिखेर रही हैं। वह न केवल अंधविश्वास के खिलाफ लड़ रही है बल्कि भ्रुण हत्या की मानसिकता को भी खत्म करने का प्रयास कर रही हैं। कोरोना काल में वह स्तनपान को बढ़ावा देने के साथ- साथ परिवार नियोजन पर भी जोर दे रही हैं, अपने कार्यों की बदौलत परास्नातक शिक्षा प्राप्त आशा संगिनी पूनम भारती स्वास्थ्य विभाग में नजीर बन गयी हैं। तमकूही क्षेत्र पिपरा कनक की रहने वाली मीरा ने बताया कि बीते 12 अगस्त को बच्चा पैदा हुआ, रिवाज के मुताबिक 12 दिनों तक नवजात को कपड़ा नहीं पहनाया जाता था, नवजात को तौलिया में लपेटा जाता था।
मगर गृह भ्रमण के दौरान आशा संगिनी पूनम भारती ने बच्चे को कपड़ा न पहनाने से पेश आने वाली समस्याओं के बारे में बताया तो उनके कहने पर अपने नवजात को कपड़ा पहनाना शुरू कर दिया। इस प्रकार संगिनी द्वारा अंधविश्वास की बेड़ियों को तोड़ने का काम किया गया। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी विनय कुमार नायक ने बताया कि बच्चों को कपड़ा न पहनाने से ठंडा बुखार यानि हाईपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को पूरा कपड़ा पहनाने को कहा जाता है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में आशा संगिनी पूनम भारती ने ग्राम करमहा सहित दो गांव में सेवा दिवस आयोजित कराकर 176 लोगों की कोविड जांच कराया जिसमें 10 व्यक्ति पाजिटिव पाए गए थे।
गृह आधारित नवजात शिशुओं की देखभाल ( एचबीएनसी)में भी संगिनी का कोई जवाब नहीं है। वह बच्चों की स्थिति ठीक न होने पर तत्काल अस्पताल की राह दिखाती और साथ जाती भी हैं। समाज शास्त्र विषय से परास्नातक पूनम भारती परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करती हैं। योग्य दंपत्तियों से संपर्क कर उन्हें परिवार नियोजन की विभिन्न विधियों के बारे में विस्तार से बताती हैं। अपने क्षेत्र की 24 आशा कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संगिनी पूनम कलस्टर बैठक में अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के पुरस्कृत तथा सम्मानित भी करती रहती हैं। डीएचईआईओ ने बताया कि अपने निष्ठा एवं कार्यों की बदौलत पूनम भारती स्वास्थ्य विभाग में एक नजीर बन गयी हैं। उन्होंने अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से भी अपील की है कि लोग पूनम से सीख लेकर अफने जीवन में उतारें।

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