कालाजार से बचाव के लिए 17 फरवरी से शुरू होगा छिड़काव, छह गाँवों के करीब 1900 घरों में होगा छिड़काव

छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किए गए स्वास्थ्य कर्मी और मजदूर, दूसरे चरण के छिड़काव के लिए चलेगा 32 दिवसीय अभियान

महराजगंज| कालाजार से बचाव के लिए सदर ब्लॉक के छह गाँवों में करीब 1900 घरों में आईआरएस ( अंदुरूनी अवशिष्ट छिड़काव) छिड़काव होगा। छिड़काव 17 फरवरी से शुरू होगा जो 32 दिनों तक चलेगा। छिड़काव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

छिड़काव के लिए एक टीम में छह सदस्य लगाए जाएंगे।

जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी ने बताया कि कालाजार से बचाव के लिए सदर क्षेत्र के छह गाँवों में छिड़काव की तैयारी पूरी कर ली गयी है। 32 दिन तक चलने वाले छिड़काव के लिए श्रमिकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर दिया गया है। प्रशिक्षण में छिड़काव के बारे में तकनीकी जानकारी दी जा चुकी है। घोल बनाने के बारे में बताया जा चुका है। छिड़काव के तौर तरीके के बारे में डेमो भी कराया गया है। वेक्टर बार्न डिजीज (वीबीडी) कार्यक्रम के परामर्शदाता कौलेश्वर चौधरी ने बताया अल्फ़ा साईपर मेथरीन 5 % दवा का छिड़काव कराया जाएगा। उन्होंने कालाजार के बारे में विस्तार से बताया। कालाजार के लक्षण और बचाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में कालाजार के दो रोगी है जिनका इलाज चल रहा है।
कहाँ कितने घरों में होगा छिड़काव

धनेवा-600 घरों में
मंगलपुर-270 घरों में
गबड़ुआ-550 घरों में
सुकठिया बड़ा टोला-162
सुकठिया छोटा टोला-160
गबड़ुआ दूसरे टोला-180

गौशाला व शौचालयों में भी कराया जा रहा छिड़काव

कालाजार से बचाव के लिए घरों, शौचालयों तथा गौशाला में भी छिड़काव कराया जाएगा । छिड़काव करीब छह फीट की ऊंचाई तक कराया जाएगा। कच्चे घरों,अंधेरे व नमी वाले स्थानों पर विशेष तौर पर छिड़काव होगा।

कालाजार को जानिए:
कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है।यह मक्खी नमी वाले स्थानों व अंधेरे में पायी जाती है।इस मक्खी के काटने से मरीज बीमार हो जाता है।उसे रूक-रूक कर बुखार चढ़ता उतरता है। इस बीमारी से मरीज का पेट फुल जाता है। भूख कम लगती है। शरीर काला पड़ जाता है।लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक से दिखाना चाहिए।मलेरिया विभाग को रिपोर्ट करने से जल्दी और नि:शुल्क इलाज होगा

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