स्वामीनाथन रिपोर्ट को दबाने वाली कॉग्रेस ने कभी किसानों का हित चाहा ही नहीं: योगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन रिपोर्ट को किसानों के हित में लागू किया: मुख्यमंत्री

  • पिछली सरकारों में गरीब और किसानों के प्रति आत्मीयता का भाव नहीं था
  • मुख्यमंत्री ने नौ किसानों को सम्मानित किया, पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाभी दी

लखनऊ  : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां मोहनलाल गंज में आयोजित कार्यक्रम में किसानों से संवाद करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है। अपने समय में किसानों के हित वाली स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की जगह उस पर आठ साल तक कुंडली मारकर बैठी रही। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लागू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन लोगों को देश की प्रगति और किसानों तरक्की अच्छी नहीं लगती वह षड्यंत्र करने में लगें हैं। यूपी में किसानों के साथ धोखेबाजी करने वालों के लिए जेल ही परमानेंट ठिकाना है। किसानों के हितों की रक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों और युवाओं का सच्चा हितैषी बताया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा किसानों युवाओं के हितों में शुरू किये गए कार्यक्रमों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नये सुधारों के साथ आगे बढ़ा रहें हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाभी, तीन को राइस पोर्टेबल मिलर मशीन तथा एक को स्माल आयल एक्सट्रेक्शन मशीन भेट किया।

मोहनलालगंज के विकास भवन परिसर में किसानों से संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम में आसपास के किसान और युवा बड़ी संख्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में जब नौकरी निकलती थी तो परिवार के लोग अलग- अलग जगहों पर वसूली के लिए झोला ले कर निकल पड़ते थे। तब चौथ वसूली होती थी, लेकिन पिछले साढ़े तीन सालों में जो भी नौकरी निकली उसमें योग्यता को वरीयता दी गयी। आज कोई नौकरी के नाम पर वसूली नही कर सकता क्योंकि उसे पता है कि अगर ऐसा किया तो जेल में जाना पड़ेगा।आज माफियाओं की छाती पर बुलडोज़र चलाने का काम हम कर रहे हैं। किसानो की ज़मीन मुक्त करा रहे हैं। ऐसे में

जिनको देश की प्रगति और किसानों की तरक्की अच्छी नहीं लगती वह षड्यंत्र करने में लगें हैं। इन्हीं लोगों ने जातिगत हिंसा फैलाने का काम किया था। उसमें सफल नहीं हो पाए तो नया षड्यंत्र रच रहे हैं। किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहें हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि मत और मजहब के आधार पर सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करना ही जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उद्देश्य बना लिया हो,उनसे आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वो किसानों,नौजवानों के बारे में सोचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाना सर्वथा उपयुक्त है, क्योंकि किसानों को समृद्धि के लिए कार्यक्रम बनाने का कार्य आज़ादी के बाद श्रद्धेय अटल जी के कार्यकाल 1998 में ही शुरू हुआ था। आज

पीडीएस की जो व्यवस्था देखने को मिल रही है, अंत्योदय, अन्नपूर्णा योजना तथा कई अन्य योजनाएं पूर्व प्रधानमंत्री अटल  की ही देन है। इन योजनाओं की वजह से आज गरीबों को निशुल्क और सस्ते में खाद्यान्न देने का काम हो रहा है।  यहीं नहीं आज़ादी के बाद पहली बार ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर देने का काम अटल जी की सरकार में शुरू हुआ था,  प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना प्रारम्भ होने से गांव पक्के मार्गो से जुड़ना शुरू हुआ था। आज हर गांव में अच्छे पक्के मार्ग हैं, किसान अपनी उपज को मंडियों और बाजार तक ले जा सकता है तो इसका श्रेय भी श्रद्धेय अटल जी को जाता है। देश में अच्छे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जो हाईवेज़ बने हैं, इसकी परिकल्पना श्रद्धेय अटल जी ने ही की थी। आजादी के बाद गरीब किसान, जनता के आर्थिक स्वालंबन का जो काम अटल जी के कार्यकाल में शुरू हुआ था, उसी काम को मोदी जी आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बीते साढ़े तीन वर्षों में किसानों के हित में कर्ज माफी की लिए गए फैसले से लेकर राज्य में बनाये गए 20 नये कृषि विज्ञान केंद्र का जिक्र भी किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाभी देते हुए कहा कि किसान जब अपने ट्रैक्टर पर बैठ के जा रहा होता है तो ऐसा लगता है कि भारत का किसान दुनिया का सबसे समृद्ध किसान है। किसान को समृद्ध करने का कार्य पहले भी किया जा सकता था लेकिन ऐसे नहीं हुआ क्योंकि पूर्व की सरकारों में आत्मीयता का भाव ही नही था।

ट्रैक्टर की चावी पाकर बेहद खुश थे राधेश्याम

मुख्यमंत्री के हाथों से ट्रैक्टर की चाभी पाने वाले राधेश्याम की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं है, उन्हें पहली बार जीवन में सरकार से कोई सम्मान मिला। ऐसे में जब उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों से ट्रैक्टर की चाभी मिली तो उनकी आँखों में आंसू आ गए। राधेश्याम में अब खुशी से गदगद हैं।

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