समायोजित का शासनादेश जारी होने से ग्राम रोजगार सेवकों में खुशी का लहर

रोजगार सेवकों के हित में जारी हुआ शासनादेश-जिलाध्यक्ष

महाराजगंज। मनरेगा योजना के अंतर्गत संविदा पर नियुक्त जिले के ग्राम रोजगार सेवक अपनी पूरी ईमानदारी से मनरेगा योजना को संचालित करने में अपना योगदान दे रहे हैं संविदा पर 13 वर्ष अपनी सेवा देने के बाद शासन ने जिले के कुछ ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत और नगर पालिका में सीमा विस्तार कर समाहित कर दिया है इसको लेकर कुछ ग्राम रोजगार सेवकों में चिंता बनी हुई थी कि अब हम लोगों की नौकरी भी खतरे में पड़ गई है । परिवार चलाना भी दुश्वार हो जाएगा इसलिए शासन स्तर पर बार-बार निवेदन करने के बाद रिक्त ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सेवकों को नियुक्त किया जाए। इसको लेकर जिला स्तर से लेकर शासन स्तर तक रोजगार सेवक संघ के संगठन द्वारा बार-बार मुख्यमंत्री से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आग्रह किया गया है इसको संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के द्वारा एक शासनादेश निर्गत कराया है कि जो भी ग्राम पंचायत नगर पंचायत की सीमा विस्तार में समाहित की गई हैं उन ग्राम पंचायतों के कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों को रिक्त ग्राम पंचायतों में समायोजित किया जाए प्रदेश में कुल 58769 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें 35620 ग्राम रोजगार सेवकों की तैनाती की गई है। वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति नहीं की गई है इसको लेकर भी शासन ने निर्देशित किया है कि मनरेगा के विस्तार को देखते हुए तत्काल नियुक्ति कर शासन को अवगत कराया जाए जिससे मनरेगा योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार दिया जाए इस शासनादेश को निर्गत होते ही जिले के समस्त रोजगार सेवकों में खुशी की लहर दौड़ गई है ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिला अध्यक्ष ब्रह्मानंद ने शासन प्रशासन को बधाई देते हुए प्रभावित विकासखंड सदर, फरेंदा ,निचलौल ,पनियरा ,नौतनवां, परतावल ,घुघुली, सिसवा के संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को भी अस्वस्थ कराया है कि शासन ने हम लोगों की समस्याओं पर विचार करते हुए जो शासनादेश निर्गत किया है उसके लिए मैं शासन प्रशासन को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

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